बस एक महीने
पहले ही मैंने 'राग देश' में लिखा था कि कुछ लोग पाँच सौ और हज़ार रुपये के नोटों को
रद्द कर देने के बचकाने सुझाव दे रहे हैं (काले धन पर गाल बजाते रहिए, 8 अक्तूबर
2016). मुझे क्या पता था कि सरकार ऐसा कर भी देगी. अब ध्यान देने की कुछ बातें :
Raag Desh - Weekly Column By Qamar Waheed Naqvi
Saturday, 12 November 2016
Curbing Black Money - तो क्या ख़त्म हो जायेगा काला धन? - Raag Desh by QW Naqvi
करेन्सी का मतलब धन नहीं होता.
Saturday, 29 October 2016
Triple Talaq Controversy - यह 2019 की अँगड़ाई है! - Raag Desh
The Big Question: Will 'Hindu Wave' ride on Uniform Civil Code in Election 2019?
While Supreme Court is hearing a petition filed by a Muslim woman Shayra Bano on Triple Talaq and Muslim Personal Law Board is vehemently opposing any attempt to "amend" or "reform" Muslim Personal Law, the debate is heating up and so is politics.
How this issue can change course of Indian politics in future, Read an analysis by Hindi Columnist Qamar Waheed Naqvi in his column "Raag Desh." Here are few excerpts:
".......यह
2017 की लड़ाई नहीं, असल में 2019 की
अँगड़ाई है! हाँ, यह
ज़रूर है कि उत्तर
प्रदेश का घमासान इसकी
पहली प्रयोगशाला होगा. प्रयोग सफल रहा, तो
मामला आगे तक जायेगा.
वरना बात वहीं की
वहीं रफ़ा-दफ़ा हो
जायेगी. तीन तलाक़ से
छिड़ी बहस के गहरे
राजनीतिक अर्थ हैं, जिसे
लोग अभी पकड़ नहीं
पाये हैं. इसलिए बयानों
का, प्रतिक्रियाओं का, रणनीतियों का
हम इस बार भी
वही 1985 वाला पुराना फ़र्मा
देख रहे हैं, जो
शाहबानो मामले में हमने देखा
था.
तसवीर
का एक हिस्सा लगभग
वैसा ही है, जैसा
1985 में था. शाहबानो नाम
की एक महिला तलाक़
के बाद अपने और
अपने पाँच बच्चों के
गुज़र-बसर का ख़र्च
पति से माँगने सुप्रीम
कोर्ट गयी थी. इस
बार तीन तलाक़ के
ख़िलाफ़ शायरा बानो ने सुप्रीम
कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
है. शाहबानो मुक़दमा जीत गयी. शायरा
बानो के मामले में
फ़ैसला अभी आना है.
शाहबानो मामले पर मुसलिम पर्सनल
लॉ बोर्ड और उलेमा ने
बड़ा विरोध किया. शायरा बानो मामले पर
भी वैसा ही विरोध
सामने आ रहा है.
मसजिदों से लेकर घरों
तक में मुसलिम पुरुषों-महिलाओं से करोड़ों दस्तख़त
जुटाये जा रहे हैं
कि पर्सनल लॉ में कोई
छेड़छाड़ उन्हें मंज़ूर नहीं. सरकार को कड़ी चेतावनी
जारी की जा चुकी
है कि अगर ऐसा
करने की कोशिश की
गयी तो अंजाम 'कुछ
भी' हो सकता है!
कुल मिला कर 'सीन'
वही है, जो 1985 में
था. बस फ़र्क़ एक
है. तब केन्द्र में
काँग्रेस की सरकार थी,
आज बीजेपी की सरकार है.
1985 में
काँग्रेस की सरकार ने
नया क़ानून बना कर सुप्रीम
कोर्ट के फ़ैसले को
पलट दिया था. अब
अगर सुप्रीम कोर्ट शायरा बानो के हक़
में फ़ैसला देता है, तो
क्या नरेन्द्र मोदी सरकार मुसलिम
कट्टरपंथियों के आगे घुटने
टेकेगी? जवाब सबको मालूम
है. ऐसा क़तई नहीं
होगा. नरेन्द्र मोदी ख़ुद ऐसा
इशारा दे ही चुके
हैं. और बीजेपी क्यों
करेगी ऐसा? मुसलमानों के
वोट की उसे चिन्ता
नहीं है. और बीजेपी
से ऊपर संघ भला
क्यों करना चाहेगा ऐसा?
संघ के एजेंडे के
लिए यह मुद्दा तो
जैसे आसमान से टपका है!1985
और 2016 का फ़र्क़ यही
है.
देश का राजनीतिक परिदृश्य इस मुद्दे पर कैसे बदल सकता है, इस पर पूरा विश्लेषण पढ़िए इस लिंक पर: http://raagdesh.com/triple-talaq-issue-may-shape-future-indian-politics/
Sunday, 16 October 2016
Triple Talaq - Muslim Personal Law Debate - raagdesh
You will be amazed to know that Aligarh Muslim University founder Sir Syed Ahmed Khan faced much wrath of Muslim Ulemas. He was declared 'Disbeliever' and 'apostle' and finally a fatwa for his 'beheading' was obtained from Saudi Arabia.What was his sin? He wanted to bring Modern Education and Social Reforms in Muslim Community.
Read on a thought provoking article on ongoing debate on Triple Talaq, Muslim Personal Law and Uniform Civil Code by noted Hindi Journalist Qamar Waheed Naqvi, which he wrote this week in 'Raag Desh', his weekly column. Here is link for his article इतिहास की दो 'केस स्टडी!' Click to Read.
Sunday, 9 October 2016
India Black Money - काले धन पर गाल बजाते रहिए!
सरकार काला धन ख़त्म करना चाहती है. बड़ी अच्छी बात है. लेकिन क्या काला धन IDS 2016 जैसी योजनाओं से ख़त्म हो पायेगा? कभी नहीं. सरकार हर चीज़ के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर रही है. क्यों नहीं राजनीतिक चन्दों के लिए भी आधार को ज़रूरी कर देती? इसी तरह करोड़ों करोड़ की काली कमाई खेती के नाम पर सफ़ेद की जाती है. क्या सरकार कृषि आय पर टैक्स लगाने पर सोचेगी?
क़मर वहीद नक़वी का विश्लेषण उनके साप्ताहिक कालम 'राग देश' में. Click to Read.
Subscribe to:
Posts (Atom)

